देहरादून। उत्तराखंड के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर सुबह जल्दी हवाई सेवाएं शुरू करने की योजना फिलहाल आगे नहीं बढ़ पा रही है। एयरपोर्ट पर विमानों की रात्रि पार्किंग के लिए सुविधाएं बढ़ाई गई हैं और राज्य सरकार ने टैक्स में भी भारी कटौती की है। इसके बावजूद अब तक किसी भी एयरलाइन ने रात में विमान खड़े करने में रुचि नहीं दिखाई है। इससे यात्रियों को सुबह की शुरुआती उड़ानों के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।
पार्किंग क्षमता बढ़ाकर 20 की गई
जौलीग्रांट एयरपोर्ट प्रशासन रात्रि पार्किंग की सुविधा शुरू करके सुबह तड़के उड़ानों का संचालन करना चाहता है। इसके लिए एयरपोर्ट पर विमानों की पार्किंग क्षमता बढ़ाकर 20 कर दी गई है। राज्य सरकार ने भी विमान पार्किंग पर लगने वाले मूल्य वर्धित कर (वैट) को 26 प्रतिशत से घटाकर दो प्रतिशत कर दिया है।
इन प्रयासों के बावजूद विमानन कंपनियों की ओर से अब तक सकारात्मक पहल नहीं हुई है। एयरपोर्ट प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले समय में एयरलाइंस इस प्रस्ताव पर विचार कर सकती हैं।
सुबह नौ बजे के बाद शुरू होती हैं उड़ानें
वर्तमान में जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर सुबह करीब नौ बजे के बाद विमानों की आवाजाही शुरू होती है। यदि रात में विमानों को एयरपोर्ट पर खड़ा करने की व्यवस्था शुरू हो जाती है, तो सुबह जल्दी उड़ानें संचालित करना संभव हो सकेगा। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अधिक विकल्प मिल सकते हैं।
फिलहाल एयरपोर्ट से देश के विभिन्न शहरों के लिए प्रतिदिन करीब 16 उड़ानों का संचालन होता है। इनमें इंडिगो, एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी विमानन कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा चार्टर्ड विमानों की आवाजाही भी होती है।
एयरलाइंस के मुख्यालयों से चर्चा की अपील
हाल ही में एयरपोर्ट सलाहकार समिति की बैठक में भी रात्रि पार्किंग और सुबह जल्दी उड़ानें शुरू करने के मुद्दे पर चर्चा हुई थी। बैठक में संबंधित एयरलाइंस के अधिकारियों से इस प्रस्ताव को अपने मुख्यालय तक पहुंचाने और संभावनाओं पर विचार करने को कहा गया था।
एयरपोर्ट के कार्यवाहक निदेशक अनिल मस्ताना के अनुसार, पार्किंग क्षमता बढ़ाने के साथ राज्य सरकार ने टैक्स में भी राहत दी है। हालांकि, अभी रात्रि पार्किंग शुरू नहीं हुई है। नए उड़ान शेड्यूल में विमानों की संख्या बढ़ने की संभावना के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रात्रि पार्किंग शुरू होने से देहरादून एयरपोर्ट पर हवाई सेवाओं का विस्तार हो सकता है। हालांकि, इसके लिए विमानन कंपनियों की सहमति और परिचालन संबंधी जरूरतों का पूरा होना जरूरी है।





