मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने गठबंधन की तुलना दस मुंहों वाले रावण से करते हुए कहा कि इसका पुतला जलाया जाना चाहिए। मुंबई में मंगलवार को अपनी पार्टी की दशहरा रैली को संबोधित करते हुए शिंदे ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर भी निशाना साधा।
शिंदे ने 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर उद्धव ठाकरे पर जनादेश के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उस समय अविभाजित शिवसेना ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। शिंदे के मुताबिक, यही जनादेश के साथ धोखा था।
विपक्ष पर लगाए दोहरे मापदंड के आरोप
मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के रुख पर सवाल उठाते हुए शिंदे ने आरोप लगाया कि विपक्ष पहले मतदाताओं की संख्या बढ़ने पर आपत्ति जताता था और अब मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को मुद्दा बना रहा है। उन्होंने इसे विपक्ष का दोहरा मापदंड बताते हुए उसकी आलोचना की।
शिंदे ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि पार्टी ने 70 वर्षों तक देश को लूटा। उन्होंने कहा कि पहले बूथों पर कब्जे के जरिए चुनाव जीतने वाली पार्टी अब मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग कर रही है।
उद्धव ठाकरे पर भी साधा निशाना
शिंदे ने उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकरे ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा और पिछले दरवाजे से मुख्यमंत्री बने। शिंदे ने इसे जनादेश के साथ विश्वासघात करार दिया।
अपने संबोधन में शिंदे ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष संविधान को कमजोर करना चाहता है। वहीं, उन्होंने पानी की कमी से प्रभावित किसानों के मुद्दे पर कहा कि सरकार और उनकी पार्टी किसानों के साथ खड़ी रहेगी।
शिंदे के इस बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में सत्तारूढ़ पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी टकराव और तेज होने के संकेत हैं।





