कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल में SIR से पहले की पुरानी मतदाता सूची के आधार पर दोबारा विधानसभा चुनाव कराने की मांग की।
ममता बनर्जी ने बुधवार को फेसबुक लाइव के जरिए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि SIR की प्रक्रिया और चुनाव संचालन को लेकर उनकी पार्टी की ओर से पहले उठाई गई आपत्तियां अब सामने आई रिपोर्टों से पुष्ट होती हैं। उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार CEC पद पर बने रहेंगे, तब तक देशभर में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
उनकी यह प्रतिक्रिया उस रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में SIR तथा मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराईं। रिपोर्ट में कुछ फैसलों को लेकर उनकी जानकारी और सहमति से जुड़े सवाल भी उठाए गए थे।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इन दावों के बीच स्पष्ट किया है कि आयोग के भीतर अलग-अलग राय और सुझाव देना सामान्य निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग के अनुसार SIR से जुड़े अंतिम फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मत मंजूरी से लिए गए हैं।
ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में पुराने वोटर लिस्ट के आधार पर फिर से चुनाव कराने की मांग दोहराई। उन्होंने INDIA ब्लॉक के सहयोगी दलों के साथ इस मुद्दे पर जल्द बैठक और देशव्यापी आंदोलन की बात भी कही। उनके आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से अलग-अलग प्रक्रियात्मक स्पष्टीकरण दिया गया है, जबकि लगाए गए सभी राजनीतिक आरोप स्वतंत्र रूप से प्रमाणित नहीं हुए हैं।




