इस्लामाबाद। पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा बलों पर हमलों का सिलसिला जारी है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि उसने पिछले एक सप्ताह में पाकिस्तानी सेना और सरकार से जुड़े लोगों को निशाना बनाकर 13 हमले किए। संगठन के अनुसार, इन हमलों में पाकिस्तानी सेना और राज्य समर्थित मिलिशिया से जुड़े कुल 43 लोगों की मौत हुई है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
BLA के प्रवक्ता जीयंद बलोच के अनुसार, ये अभियान बेसिमा, खारान, पंजगुर, चगाई, सुराब, किला अब्दुल्ला और अवारान सहित कई इलाकों में चलाए गए। संगठन ने सड़कें अवरुद्ध करने और सुरक्षा बलों की आवाजाही रोकने के लिए कई स्थानों पर अभियान चलाने का भी दावा किया है।
किला अब्दुल्ला में सबसे ज्यादा नुकसान का दावा
BLA के मुताबिक, 13 सितंबर को किला अब्दुल्ला के सुल्तान चरक इलाके में सरकार समर्थित स्थानीय मिलिशिया पर घात लगाकर किए गए हमले में 25 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने का दावा किया गया। संगठन ने कहा कि इसके बाद पाकिस्तानी सेना की अतिरिक्त टुकड़ियों के साथ करीब चार घंटे तक मुठभेड़ हुई।
इसके अलावा BLA ने लासबेला में नौ सैनिकों और जिवानी में चार सैन्य खुफिया अधिकारियों को निशाना बनाने का दावा किया। संगठन ने पंजगुर में निगरानी उपकरण नष्ट करने और माचिल क्षेत्र में लिथियम खनन से जुड़ी मशीनरी को नुकसान पहुंचाने की बात भी कही है।
संघर्ष जारी रखने की चेतावनी
BLA ने कहा है कि जब तक पाकिस्तानी सुरक्षा बल बलूचिस्तान से वापस नहीं जाते, तब तक उसका सशस्त्र संघर्ष जारी रहेगा। संगठन ने सोमवार को एक वीडियो जारी करने का भी दावा किया, जिसमें लड़ाकों को क्वेटा-ताफ्तान राजमार्ग पर सुरक्षा चौकियों पर कब्जा करते हुए दिखाया गया है।
बलूचिस्तान में अलगाववादी हिंसा लंबे समय से जारी है। हाल के दिनों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने भी आतंकवाद विरोधी अभियानों को तेज करने की बात कही है। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि सुरक्षा अभियान जारी रहेंगे और सशस्त्र समूहों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।




