नैनीताल: लगातार बारिश के बाद गौला नदी के बढ़े जलस्तर और तेज बहाव ने नैनीताल जनपद में भारी नुकसान पहुंचाया है। नदी के कटाव के चलते नैनीताल जू की डेढ़ एकड़ से अधिक जमीन गौला नदी में बह गई। जमीन के नदी में समाने से वन्यजीव क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
गौला नदी में पानी बढ़ने के साथ ही किनारों पर कटाव तेज हो गया। तेज बहाव ने जू की जमीन के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि नदी के लगातार कटाव के कारण जू की सीमा से लगी जमीन धीरे-धीरे कमजोर होती गई और अंततः उसका बड़ा हिस्सा नदी में समा गया।
घटना के बाद संबंधित अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। नदी के बढ़ते कटाव को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। अधिकारियों की ओर से नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है, ताकि आगे होने वाले कटाव को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
गौला नदी का जलस्तर बढ़ने से हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में भी खतरा बना हुआ है। बरसात के दौरान नदी के तेज बहाव से पहले भी तटवर्ती इलाकों में कटाव और भू-क्षरण की घटनाएं सामने आती रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण पहाड़ी नदियों में जलप्रवाह बढ़ने से नदी के किनारों पर दबाव बढ़ जाता है। इससे कमजोर जमीन तेजी से कटने लगती है। गौला नदी के मामले में भी तेज बहाव को जमीन के कटाव का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
जू की जमीन के बड़े हिस्से के नदी में बह जाने के बाद अब प्रशासन के सामने शेष भूमि और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित रखने की चुनौती है। अधिकारियों द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यक सुरक्षा उपायों पर काम किया जा रहा है।





