कीव: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को समाप्त कराने की दिशा में भारत ने एक बार फिर अपनी सकारात्मक भूमिका स्पष्ट की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को यूक्रेन की राजधानी कीव में कहा कि अगर भारत किसी भी तरीके से युद्ध समाप्त कराने में मदद कर सकता है तो वह इसके लिए तैयार है। उन्होंने यह बात यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित करते हुए कही।
जयशंकर ने कहा कि भारत शांति स्थापित करने के प्रयासों में अपनी ओर से हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है। भारत लगातार रूस-यूक्रेन संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के माध्यम से निकालने की वकालत करता रहा है।
काला सागर में जहाजों की सुरक्षा पर भी चर्चा
दोनों विदेश मंत्रियों के बीच हुई बातचीत में काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। जयशंकर ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच चर्चा के दौरान व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा और समुद्री मार्गों से जुड़े घटनाक्रम पर विचार-विमर्श हुआ।
काला सागर रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान महत्वपूर्ण रणनीतिक और व्यापारिक क्षेत्र बना हुआ है। यहां समुद्री मार्गों और बंदरगाहों पर होने वाले हमलों का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री आवाजाही पर भी पड़ता है।
यूक्रेन दौरे पर हैं विदेश मंत्री
जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड के दौरे पर हैं। यूक्रेन यात्रा के दौरान उनकी अपने समकक्ष एंड्री सिबिहा के साथ द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर बातचीत हो रही है। इसके बाद वह पोलैंड जाएंगे, जहां पोलैंड के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ वार्ता प्रस्तावित है।
भारत का यह रुख ऐसे समय सामने आया है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयास जारी हैं। जयशंकर का बयान भारत की उस नीति को दर्शाता है, जिसमें वह दोनों पक्षों के बीच संवाद और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता रहा है।




