वाशिंगटन, 3 सितंबर। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि भारत और ईरान के बीच किसी व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की हालिया मुलाकात के बाद अमेरिका की ओर से यह प्रतिक्रिया सामने आई है।
रुबियो ने यह टिप्पणी ‘द ब्रायन किलमीेड शो’ में एक साक्षात्कार के दौरान की। उनसे प्रधानमंत्री मोदी और पेजेशकियन की मुलाकात को लेकर सवाल किया गया था। दोनों नेताओं की मुलाकात किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर हुई थी।
रुबियो ने कहा कि प्रत्येक देश अपनी विदेश नीति के अनुसार दूसरे देशों के साथ संपर्क रखता है। उन्होंने माना कि दुनिया के कई देश ईरानी शासन के साथ बातचीत करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने भी विभिन्न मुद्दों पर ईरान से जुड़े लोगों के साथ संपर्क किया है।
हालांकि, रुबियो ने ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर अमेरिका का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि कोई भी देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद नहीं करे।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि कोई देश ईरान को प्रतिबंधों से बचने के लिए ऐसे माध्यम उपलब्ध कराता है, जिससे तेहरान को राजस्व हासिल हो और उसका इस्तेमाल आतंकवाद को समर्थन देने या परमाणु हथियार बनाने के लिए किया जाए, तो अमेरिका उसके खिलाफ भी प्रतिबंध लगा सकता है।
रुबियो का बयान ऐसे समय आया है जब भारत और ईरान के बीच उच्चस्तरीय संपर्क बढ़ा है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय मुद्दों पर लंबे समय से संबंध रहे हैं। ऐसे में अमेरिका की ताजा टिप्पणी को भारत-ईरान संबंधों पर उसकी करीबी नजर के तौर पर देखा जा रहा है।





