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राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर पीएम मोदी ने सराहा Gen-Z का हुनर, निजी क्षेत्र को बताया नई ताकत

नई दिल्ली। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक भूमिका की सराहना करते हुए युवा पीढ़ी और निजी क्षेत्र की उपलब्धियों को देश की नई ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है और यह बदलाव देश को वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक बना रहा है। 

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लिया है और इस लक्ष्य को हासिल करने में अंतरिक्ष क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी अब ऐसी अत्याधुनिक तकनीकों पर काम कर रही है, जिनकी कुछ समय पहले कल्पना भी मुश्किल थी।

पीएम मोदी ने Gen-Z के इंजीनियरों, डिजाइनरों, कोडर्स और वैज्ञानिकों की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने बताया कि युवा प्रतिभाएं प्रोपल्शन सिस्टम, कंपोजिट मैटेरियल, रॉकेट स्टेज और सैटेलाइट प्लेटफॉर्म जैसी तकनीकों के विकास में योगदान दे रही हैं।

प्रधानमंत्री ने निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय निजी क्षेत्र की अंतरिक्ष प्रतिभा दुनिया में अपनी पहचान बना रही है। अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों और स्टार्टअप की बढ़ती भागीदारी से भारत में निवेश की संभावनाएं भी मजबूत हुई हैं।

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस हर वर्ष 23 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिन 2023 में चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के निकट सफल सॉफ्ट लैंडिंग की ऐतिहासिक उपलब्धि की याद में मनाया जाता है। भारत इस क्षेत्र में सफलतापूर्वक पहुंचने वाला पहला देश बना था।

पीएम मोदी ने कहा कि इसरो की सफलताएं देश की अगली पीढ़ी के वैज्ञानिकों को प्रेरित कर रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में और बड़े लक्ष्य तय करेगा, नवाचार को बढ़ावा देगा और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ेगा।

वहीं, इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने भी राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर नवाचार, सहयोग और महत्वाकांक्षी लक्ष्यों पर जोर दिया। इस वर्ष का विषय विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप भारत को वैश्विक अंतरिक्ष नेतृत्व की दिशा में आगे ले जाने पर केंद्रित है।

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