Top 5 This Week

Related Posts

शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले बीजिंग पहुंचे डोभाल, सीमा मुद्दे पर होगी अहम वार्ता

नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल सोमवार को चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचे, जहां भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर विशेष प्रतिनिधि (Special Representatives) स्तर की वार्ता होगी। यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है।

डोभाल मंगलवार को अपने चीनी समकक्ष और विदेश मंत्री वांग यी के साथ विशेष प्रतिनिधि वार्ता के 25वें दौर में हिस्सा लेंगे। वर्ष 2003 में स्थापित इस तंत्र का उद्देश्य दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद के समाधान के लिए राजनीतिक स्तर पर ढांचा तैयार करना है। भारत-चीन के बीच करीब 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा को लेकर विवाद है।

डोभाल की बीजिंग यात्रा को भारत-चीन संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिशों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूर्वी लद्दाख में 2020 में सैन्य गतिरोध के बाद दोनों देशों के रिश्तों में गंभीर तनाव आया था। हालांकि, 2024 के अंत से दोनों पक्षों ने सीमा पर तनाव कम करने और द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए कई स्तरों पर संवाद बढ़ाया है।

भारत लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि सीमा पर शांति और स्थिरता व्यापक द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति के लिए जरूरी है। ऐसे में विशेष प्रतिनिधियों की बैठक में सीमा से जुड़े मुद्दों के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

डोभाल की यात्रा को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के संभावित भारत दौरे की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। शी के सितंबर में नई दिल्ली में प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेने की संभावना है। यदि यह यात्रा होती है तो यह सात साल बाद शी का भारत दौरा होगा। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच संभावित मुलाकात की जमीन भी तैयार हो सकती है।

सीमा वार्ता के साथ दोनों देशों के बीच भरोसा बहाल करने और संबंधों को स्थिर बनाने की दिशा में होने वाली प्रगति पर भी नजर रहेगी। ऐसे में डोभाल-वांग वार्ता को आगामी भारत-चीन उच्चस्तरीय संवाद के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Popular Articles