अब ठुकराल को विश्व हिन्दू परिषद से भी हो रही है दिक्कत,यह मानसिक दिवालियापन का प्रमाण
रुद्रपुर। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने प्रदेश के निर्वाचित मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ की गई अमर्यादित एवं तू-तड़ाक की भाषा पर रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा ने तीखा पलटवार किया है। विधायक ने कहा कि कांग्रेस की राजदारी और चाटुकारिता में ठुकराल शब्दों की मर्यादा भूल चुके हैं। सीएम के खिलाफ इस प्रकार की भाषा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंगलवार को विधायक शिव अरोरा ने अपने कार्यालय पर मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है,लेकिन विरोध के नाम पर मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वस्थ राजनीति नहीं है। उन्होंने ठुकराल की बयानबाजी को राजनीतिक हताशा और मानसिक दिवालियापन करार देते हुए कहा कि जनता सब देख रही है कि कौन विकास के मुद्दों पर बात कर रहा है और कौन केवल व्यक्तिगत बयानबाजी में उलझा हुआ है।
प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी को बताया घटिया मानसिकता। उन्होंने पूर्व विधायक ठुकराल द्वारा बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई कथित टिप्पणी पर भी कड़ा पलटवार किया। प्रधानमंत्री ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और देश की सेवा के लिए समर्पित किया है। देश के प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने भारत का सम्मान पूरी दुनिया में बढ़ाया है और देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।ऐसे व्यक्तित्व के बारे में यह कहना कि प्रधानमंत्री गलत कार्यों के लिए विदेश में टापू पर जाते हैं, बेहद घटिया मानसिकता और राजनीतिक दिवालियापन का परिचय है। राजनीतिक विरोध की भी एक सीमा होती है। प्रधानमंत्री के खिलाफ बिना आधार के व्यक्तिगत और आपत्तिजनक टिप्पणी करना न तो स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा है और न ही
सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के अनुरूप। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद को लेकर भी ठुकराल पर निशाना साधा। कहा कि अब विश्व हिंदू परिषद से भी दिक्कत है।
उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में विश्व हिंदू परिषद सहित अनेक संगठनों और रामभक्तों ने लंबे समय तक संघर्ष किया। राम मंदिर के पक्ष में चली लंबी कानूनी लड़ाई और न्यायालय में हुई मजबूत पैरवी के बाद आज अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण साकार हुआ है। 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद करोड़ों रामभक्तों का सपना पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि तू-तड़ाक और अमर्यादित भाषा का प्रयोग मत कीजिए। संवैधानिक पद की गरिमा का सम्मान करना प्रत्येक राजनीतिक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ठुकराल वर्ग विशेष को खुश करने के लिए मर्यादाएं लांघने वाली राजनीति रुद्रपुर की जनता स्वीकार नहीं करेगी।





