नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश समेत 15 राज्यों में भारी से अत्यधिक बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।
आईएमडी के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भारी वर्षा हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में जलभराव, यातायात व्यवस्था प्रभावित होने और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना भी जताई गई है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश से बढ़ सकती हैं मुश्किलें
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को दिनभर रुक-रुककर तेज बारिश होने का अनुमान है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ने की आशंका है।
उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में भी तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पहाड़ी राज्यों में सतर्कता बढ़ाई गई
मौसम विभाग ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में विशेष सतर्कता बरतने की चेतावनी दी है। संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़कें अवरुद्ध होने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
आईएमडी ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, बिजली चमकने और गरज-चमक के समय खुले स्थानों पर न रहने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
प्रशासन को जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी करने, नालों की सफाई सुनिश्चित करने और आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।





