नई दिल्ली। राज्यसभा में सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने से जुड़े विधेयक पर चर्चा के दौरान सांसद राघव चड्ढा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस शासित कर्नाटक में सामने आए कथित पेपर लीक प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और इन्हें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
चर्चा के दौरान राघव चड्ढा ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में सेंध लगाने वाले संगठित गिरोह देशभर में सक्रिय हैं और इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में पेपर लीक के मामले में गंभीर सवाल उठे, लेकिन जिम्मेदारी तय करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में राजनीतिक संरक्षण नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच और कड़ी सजा होनी चाहिए।
राघव चड्ढा ने कहा कि लाखों छात्र वर्षों की मेहनत से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके सपनों को तोड़ देती हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा में गड़बड़ी का मामला नहीं, बल्कि देश के युवाओं के विश्वास पर हमला है। इसलिए पेपर लीक को संगठित अपराध मानते हुए सख्त कानून लागू करना समय की मांग है।
उन्होंने सदन में कहा कि नए कानून का उद्देश्य केवल दोषियों को सजा देना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना भी है। उनके अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा।
संसद में पेपर लीक विरोधी विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने सरकार से हाल के परीक्षा घोटालों पर जवाब मांगा, जबकि राघव चड्ढा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कर्नाटक के कथित पेपर लीक प्रकरण का हवाला देकर विपक्ष की आलोचना की।





