नई दिल्ली। छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने संगठन के भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सीजेपी किसी राजनीतिक दल में तब्दील नहीं होगी। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों पर सरकार पर लोकतांत्रिक तरीके से दबाव बनाना है। इसलिए सीजेपी आगे भी एक प्रेशर ग्रुप (दबाव समूह) के रूप में कार्य करती रहेगी।
दीपके ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ मतभेदों की अटकलों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि वांगचुक और उनके बीच किसी प्रकार का विवाद नहीं है तथा दोनों का उद्देश्य समान है। उन्होंने वांगचुक के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके लंबे अनशन ने पूरे देश का ध्यान आंदोलन की ओर आकर्षित किया और सरकार पर दबाव बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि वांगचुक का त्याग आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत रहा है और इसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। दीपके ने बताया कि उन्होंने स्वयं वांगचुक से स्वास्थ्य को देखते हुए अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था। उनके अनुसार आंदोलन केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देशभर के युवाओं का अभियान बन चुका है।
हालांकि दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान उन्हें और विपक्षी नेताओं को वांगचुक से मिलने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि कुछ केंद्रीय नेताओं को उनसे मिलने दिया गया। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की मांग की।
सीजेपी प्रमुख ने कहा कि संगठन भविष्य में भी शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहेगा तथा लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीकों से अपनी आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने दोहराया कि संगठन का लक्ष्य सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों पर जवाबदेही सुनिश्चित कराना है।





