नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर छात्रों के खिलाफ दमनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में छात्रों के खिलाफ पूरा सिस्टम “जानलेवा” बन गया है। राहुल गांधी ने दावा किया कि दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जबकि बिहार में छात्रों के खिलाफ AK-47 से फायरिंग की खबरें सामने आई हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं करने और हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके विपरीत अब उनके खिलाफ बल प्रयोग और दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए सरकार हर संभव तरीका अपना रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसे मामलों से छात्र पहले ही परेशान हैं। ऐसे समय में उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में छात्रों के आंदोलनों के प्रति सरकार का रवैया एक जैसा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय उन्हें डराने और दबाने की कोशिश की जा रही है।
इस मुद्दे को लेकर संसद के मानसून सत्र में भी विपक्ष ने सरकार को घेरने की तैयारी की है। विपक्षी दल छात्र आंदोलनों पर कथित पुलिस कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विवादों को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। वहीं, केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कानूनी प्रावधानों की दिशा में कदम उठाने की बात कह रही है।





