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भोर भयो पनघट पे… उधर लोग नींद में बेखबर, इधर बिजली-पुलिस की टीम ने दरवाजों पर दी दस्तक!

सोमवार की सुबह पांच बजे बनभूलपुरा में छापेमारी से मचा हड़कंप, सात टीमों ने एक साथ खोला मोर्चा; 108 मुकदमों की तैयारी

हल्द्वानी। भोर भयो पनघट पे…” सुबह की पहली किरण भी ठीक से धरती पर नहीं उतरी थी, शहर नींद की आगोश में था। कोई रजाई में दुबका था, तो कोई मीठे सपनों में खोया था। मगर बनभूलपुरा में सोमवार की सुबह का मंजर कुछ और ही था। जब लोग बेखबर सो रहे थे, तब बिजली विभाग और पुलिस की टीमें कार्रवाई के लिए घर-घर पहुंच रही थीं। सुबह पांच बजे शुरू हुए इस अभियान ने किदवई नगर से इंदिरा नगर और गांधीनगर से आजाद नगर तक हलचल पैदा कर दी। सात टीमों ने एक साथ मोर्चा संभाला और बिजली चोरी के संदेह में कनेक्शनों की जांच शुरू कर दी।

नींद में शहर, मैदान में सरकारी अमला; कटिया और मीटर की जांच का सुबह-सुबह चला सिलसिला।

एक महीने की निगरानी, फिर सुबह-सुबह कार्रवाई

यह कोई अचानक बना कार्यक्रम नहीं था। कुमाऊं जोन के मुख्य अभियंता शेखर त्रिपाठी के मुताबिक, विभाग एक महीने से अधिक समय से उन इलाकों का अध्ययन कर रहा था, जहां बिजली का लाइन लॉस ज्यादा था। बनभूलपुरा के कुछ फीडरों पर लाइन लॉस 50 से 55 प्रतिशत तक मिलने के बाद व्यापक जांच की योजना बनाई गई।

सुबह होते-होते अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, उपखंड अधिकारी, अवर अभियंता, विजिलेंस और पुलिस की टीमें अभियान में जुट गईं। किदवई नगर, इंदिरा नगर, गांधीनगर, नई बस्ती और आजाद नगर में बिजली कनेक्शनों की पड़ताल की गई।

बॉक्स। कहीं कटिया का शक, कहीं मीटर से छेड़छाड़ के आरोप

जांच के दौरान कथित तौर पर कटिया डालकर बिजली इस्तेमाल करने और मीटरों से छेड़छाड़ के मामले सामने आए। विभाग ने संबंधित मीटर सीज किए और करीब 108 मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी शुरू की। आगे की कानूनी कार्रवाई बनभूलपुरा कोतवाली के माध्यम से की जाएगी।

सुबह की दस्तक ने जगा दिया सवाल—बिजली चोरी पर आखिर कब लगेगी लगाम?

बिजली विभाग का कहना है कि अभियान का मकसद चोरी रोकना और नियमित बिल जमा करने वाले ईमानदार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। हालांकि, सामने आए मामलों में आरोपों की पुष्टि कानूनी प्रक्रिया और जांच के बाद ही होगी।

अब घर के भीतर नहीं छिपेंगे मीटर, बाहर लगाने की तैयारी

विभाग अब केवल छापेमारी तक सीमित नहीं रहना चाहता। मुख्य अभियंता शेखर त्रिपाठी के अनुसार, घरों के भीतर लगे मीटरों को बाहर शिफ्ट करने, सामान्य केबल की जगह आर्मर्ड केबल लगाने और स्मार्ट मीटर स्थापित करने की योजना है। इन कदमों से बिजली आपूर्ति की निगरानी बेहतर बनाने और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने की उम्मीद है।

बिजली कनेक्शन के नाम पर वसूली हुई तो शिकायत करें

अभियान के दौरान विभागीय कर्मचारियों से जुड़ी कुछ शिकायतें भी अधिकारियों के संज्ञान में आईं। मुख्य अभियंता ने कहा कि बिजली कनेक्शन दिलाने या बिल जमा कराने के नाम पर कोई पैसे मांगे तो पुलिस से शिकायत करें। कर्मचारियों के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई में विद्युत विभाग के अधिकारी रवि कुमार राजोरा, अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार, बनभूलपुरा कोतवाली प्रभारी दिनेश फर्त्याल, विभागीय विजिलेंस टीम और पुलिसकर्मी शामिल रहे।

सुबह की कार्रवाई ने साफ संदेश दिया—बिजली चोरी के संदेह वाले कनेक्शन अब जांच के दायरे में हैं, लेकिन हर मामले में अंतिम फैसला जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।

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