नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के बीच जारी कूटनीतिक तनाव के बीच बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने नई दिल्ली में आयोजित बिम्सटेक देशों के गृह मंत्रियों की पहली बैठक में शामिल होने से दूरी बना ली है। उनकी जगह बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल करेगा। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। हालांकि, बांग्लादेशी गृह मंत्री के शामिल नहीं होने का आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है।
वरिष्ठ अधिकारी करेंगे बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व
बांग्लादेश के गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सचिव मंजूर मोर्शेद चौधरी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। दल में विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव ए.के.एम. शहीदुल करीम और संयुक्त सचिव रेबेका खान भी शामिल हैं।
दो दिवसीय बैठक सोमवार, 12 अक्टूबर को सदस्य देशों के गृह और आंतरिक मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की चर्चा के साथ शुरू हुई। मंगलवार को गृह मंत्रियों की मुख्य बैठक निर्धारित है। इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा और आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
आतंकवाद और सीमा पार अपराधों पर होगी चर्चा
बिम्सटेक में भारत, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं। संगठन का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।
बैठक में आतंकवाद, मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, धनशोधन और सीमा पार संगठित अपराधों से निपटने के लिए सहयोग मजबूत करने पर चर्चा होगी। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और कानून प्रवर्तन में समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव
बांग्लादेश के गृह मंत्री की अनुपस्थिति को दोनों देशों के बीच मौजूदा तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है। अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने और उनके भारत आने के बाद से दोनों देशों के संबंधों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। बांग्लादेश लगातार शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग करता रहा है।
इससे पहले बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान भी सितंबर में दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में शामिल नहीं हुए थे। भारत ने उन्हें बिम्सटेक के अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित किया था।





