नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवा वैज्ञानिकों और नवाचार की सराहना करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर परोक्ष तंज कसा। प्रधानमंत्री ने एक युवा वैज्ञानिक का उल्लेख करते हुए कहा कि वह “28 वर्षीय युवा” की बात कर रहे हैं, “किसी 56 साल के युवा” की नहीं। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में राहुल गांधी पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत के युवा वैज्ञानिकों, स्टार्टअप और अंतरिक्ष क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के युवाओं की प्रतिभा वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रही है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का काम कर रही है।
इस दौरान पीएम मोदी ने एक 28 वर्षीय युवा नवप्रवर्तक का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे युवाओं की उपलब्धियां देश के लिए प्रेरणादायक हैं। इसके तुरंत बाद उन्होंने “56 साल के युवा” वाली टिप्पणी की, जिसे विपक्ष पर राजनीतिक कटाक्ष माना जा रहा है। राहुल गांधी हाल ही में 56 वर्ष के हुए हैं और कांग्रेस उन्हें लंबे समय से युवा नेतृत्व के प्रमुख चेहरे के रूप में प्रस्तुत करती रही है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि देश का भविष्य युवा शक्ति, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार पर आधारित है। उन्होंने वैज्ञानिकों और नवाचार से जुड़े युवाओं को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां विकसित भारत के संकल्प को मजबूत कर रही हैं।
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। एक ओर भाजपा इसे युवा प्रतिभाओं के सम्मान से जोड़ रही है, वहीं विपक्ष इसे राहुल गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणी के रूप में देख रहा है।





