नई दिल्ली। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) में वर्षों से चली आ रही कथित ‘दिल्ली क्लब’ व्यवस्था को समाप्त करने का ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विभाग में पारदर्शी और निष्पक्ष तबादला नीति लागू की जा रही है तथा किसी भी प्रकार की सिफारिश के आधार पर स्थानांतरण नहीं रोके जाएंगे।
मंत्री ने बताया कि तबादलों को लेकर कई प्रभावशाली लोगों की ओर से सिफारिशें प्राप्त हुई थीं, लेकिन सरकार ने किसी भी अनुशंसा को स्वीकार नहीं किया। उनका कहना था कि सरकारी व्यवस्था में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए समान नियम लागू होने चाहिए और किसी को भी वर्षों तक एक ही स्थान पर बने रहने की विशेष सुविधा नहीं मिलनी चाहिए।
मनोहर लाल ने कहा कि लंबे समय से कुछ अधिकारी स्थानांतरण योग्य पदों पर होने के बावजूद दिल्ली में ही जमे रहे थे। इससे विभागीय व्यवस्था और पारदर्शिता पर सवाल उठते थे। नई नीति का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था को समाप्त कर निष्पक्ष प्रशासन सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल तबादले करना नहीं, बल्कि विभाग में जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ाना है। इसके लिए स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरी तरह नियम आधारित बनाया गया है ताकि सभी कर्मचारियों को समान अवसर मिल सके और किसी प्रकार के पक्षपात की गुंजाइश न रहे।
मंत्री ने संकेत दिया कि भविष्य में भी विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते रहेंगे। उन्होंने दोहराया कि सरकारी व्यवस्था में व्यक्तिगत प्रभाव या सिफारिश के बजाय नियमों और प्रशासनिक आवश्यकता को प्राथमिकता दी जाएगी।





