Top 5 This Week

Related Posts

भारत-नेपाल सीमा पर लैंड पोर्ट परियोजनाओं की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा; बोले— ‘कनेक्टिविटी और स्थानीय उत्पादों से मिलेगा रोजगार को बढ़ावा’

नई दिल्ली/देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास में लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) के अध्यक्ष जयंत सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा पर चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा करना और सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना था। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विकास कार्यों में स्थानीय आवश्यकताओं और जनहितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को वास्तविक मजबूती मिल सके।

बनबसा में आधुनिक लैंड पोर्ट: अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी का नया अध्याय

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने चंपावत जनपद के बनबसा (गुदमी) क्षेत्र में निर्माणाधीन आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना की प्रगति का विस्तृत विवरण लिया।

  • एशियन हाईवे से जुड़ाव: इस लैंड पोर्ट को एशियन हाईवे से जोड़ने की योजना है, जिसे अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को सशक्त बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
  • आर्थिक लाभ: मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के उत्पादों को एक बेहतर अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध हो सकेगा।

धारचूला और झूलाघाट के विकास पर विशेष चर्चा

मुख्यमंत्री धामी ने पिथौरागढ़ जनपद के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों— धारचूला और झूलाघाट— के विकास पर भी व्यापक चर्चा की।

  • आधारभूत ढांचे का सुदृढ़ीकरण: इन क्षेत्रों में सीमा व्यापार को बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
  • स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा: मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों की स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए वहां के पारंपरिक उत्पादों को बाजार से जोड़ना अनिवार्य है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही युवाओं के लिए रोजगार सृजित हो सकेंगे।

स्थानीय हितों को प्राथमिकता देने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीमा पर होने वाले किसी भी निर्माण या विकास कार्य में वहां के निवासियों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाए।

  1. अर्थव्यवस्था का सुदृढ़ीकरण: उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने से सीमावर्ती क्षेत्रों से होने वाले पलायन को रोकने में मदद मिलेगी।
  2. व्यापारिक सुगमता: आधुनिक लैंड पोर्ट्स के माध्यम से भारत और नेपाल के बीच होने वाले व्यापार में लगने वाले समय और लागत में कमी आएगी, जिसका सीधा लाभ छोटे और मध्यम व्यापारियों को मिलेगा।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष जयंत सिंह के अलावा राज्य और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना पर कार्य तेजी से चल रहा है और निर्धारित समय सीमा के भीतर इसे पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Popular Articles