गाजा/पेरिस/रोम। फलस्तीन को राष्ट्र के रूप में मान्यता देने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से पहले गाजा शहर में सुरक्षा के दृष्टिकोण से बड़े कदम उठाए गए हैं। सोमवार को इस्राइली रक्षा बलों (IDF) ने गाजा सिटी के जॉर्डन अस्पताल को खाली कराया। इसमें अस्पताल में भर्ती कम से कम 300 मरीज, चिकित्सक और उनके परिवार शामिल हैं। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के महानिदेशक डॉ. मुनीर अल-बुश ने बताया कि अस्पताल और अन्य मानवीय सहायता केंद्रों को खाली करने के निर्देश जारी किए गए।
गाजा युद्ध और अकाल से जूझ रहा
दो साल से गाजा युद्ध की विभीषिका झेल रहा है। लगातार हमलों और अकाल की वजह से शहर खंडहर में तब्दील हो गया है। इस्राइली सेना ने नागरिकों को मध्य और दक्षिणी गाजा पट्टी की ओर स्थानांतरित होने का आदेश दिया है। वहीं राहत कार्यों में लगे कर्मियों को अस्पताल छोड़कर अन्य सहायता केंद्र खाली करने के निर्देश दिए गए।
पेरिस में शांति संदेश
इस बीच फ्रांस ने फलस्तीन को मान्यता देने की दिशा में कदम बढ़ाया। रविवार शाम को पेरिस के एफिल टॉवर पर विशाल स्क्रीन पर फलस्तीनी और इस्राइली झंडे, साथ में एक कबूतर और जैतून की शाखा दिखाए गए। पेरिस की मेयर ऐनी हिडाल्गो ने इसे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पहल का समर्थन बताया। उन्होंने कहा कि शहर दो-राज्य समाधान और पीड़ित नागरिकों के प्रति एकजुटता दर्शाता है।
इटली ने गाजा के लिए एकजुटता दिखाई
इटली की यूनियनों ने गाजा के लोगों के समर्थन में 24 घंटे की हड़ताल का आह्वान किया। देशभर में धरना-प्रदर्शन और हड़ताल से सार्वजनिक परिवहन, रेल, स्कूल और बंदरगाह प्रभावित होंगे। यूनियनों ने इटली और यूरोपीय संघ की सरकारों की निष्क्रियता की निंदा की और गाजा में जारी हिंसा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की।
इटली ने इस्राइल को विस्फोटकों की खेप रोकी
इटली के रवेना बंदरगाह ने स्थानीय प्रशासन के आग्रह पर इस्राइल को भेजे जा रहे दो कंटेनरों में विस्फोटकों को रोक दिया। यह खेप हाइफा बंदरगाह की ओर जा रही थी। रवेना के मेयर और वामपंथी नेता एलेसांद्रो बाराटोनी ने कहा कि सरकार से यह भी आग्रह किया गया है कि इटली से इस्राइल को हथियारों की आपूर्ति न की जाए।





