हरिद्वार। वर्ष 2027 में प्रस्तावित अर्धकुंभ मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त आनंद स्वरूप ने शुक्रवार को सीसीआर सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं। इसके लिए पर्याप्त श्रमिकों, मशीनरी और निर्माण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
गंगनहर बंदी का होगा पूरा उपयोग
मंडलायुक्त ने गंगनहर की प्रस्तावित बंदी के दौरान घाटों के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नहर बंद होने से पहले निर्माण की पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली जाए। श्रमिकों, मशीनरी और निर्माण सामग्री की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित हो, ताकि काम शुरू होने के बाद किसी तरह की बाधा न आए।
ऊपरी गंगनहर को 20-21 अक्टूबर की मध्यरात्रि से 7-8 नवंबर 2026 की मध्यरात्रि तक बंद रखने की अनुमति दी गई है। इस अवधि में नहर के अनुरक्षण कार्यों के साथ अर्धकुंभ के लिए प्रस्तावित घाटों का निर्माण भी किया जाना है।
सड़क और पुल निर्माण में भी तेजी के निर्देश
मंडलायुक्त ने सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के निर्माण कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने सभी कार्यदायी संस्थाओं को नियमित निगरानी करने और निर्माण में आ रही बाधाओं का आपसी समन्वय से समाधान निकालने के निर्देश दिए।
आगामी त्योहारों के दौरान श्रमिकों की कमी की आशंका को देखते हुए भी पहले से इंतजाम करने को कहा गया, ताकि निर्माण कार्यों की रफ्तार प्रभावित न हो।
रोजाना होगी कार्यों की समीक्षा
मेलाधिकारी सोनिका ने बैठक में बताया कि अर्धकुंभ की तैयारियों को गति देने के लिए निर्माण स्थलों पर श्रमिकों और संसाधनों की संख्या बढ़ाई जा रही है। कई स्थानों पर दिन-रात काम कराया जा रहा है। तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिदिन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जा रही है।
बैठक में आईजी कुंभ डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी कुंभ आयुष अग्रवाल, नगर आयुक्त नंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन का लक्ष्य अर्धकुंभ शुरू होने से पहले घाटों, सड़कों और अन्य जरूरी सुविधाओं को तैयार करना है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकें।





