नई दिल्ली/ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे और उनके पूर्व सलाहकार साजीब वाजेद जॉय ने कहा है कि बांग्लादेश तेजी से ऐसे दौर की ओर बढ़ रहा है, जो भारत की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकता है। उनका दावा है कि देश में कट्टरपंथी ताकतों का प्रभाव बढ़ रहा है और बांग्लादेश “भारत की पूर्वी सीमा पर दूसरा पाकिस्तान” बनता जा रहा है।
साजीब वाजेद जॉय ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में चरमपंथी संगठनों से जुड़े तत्व खुलेआम सक्रिय हैं और सार्वजनिक सभाओं में उनकी मौजूदगी देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि दोषी ठहराए जा चुके आतंकियों की रिहाई और कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा मिलने से देश की आंतरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता दोनों प्रभावित हो सकती हैं। उनके अनुसार, इन घटनाक्रमों पर भारत को गंभीरता से नजर रखने की आवश्यकता है।
जॉय का यह बयान ऐसे समय आया है जब शेख हसीना ने भी दिसंबर 2026 में बांग्लादेश लौटने की इच्छा जताई है, जबकि उनके खिलाफ वहां कानूनी कार्रवाई जारी है। हसीना ने वर्तमान सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और देश को अस्थिरता की ओर धकेलने का आरोप लगाया है।
बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर भारत और बांग्लादेश के संबंधों पर भी लगातार चर्चा हो रही है। हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता और कट्टरपंथ का प्रभाव बढ़ता है, तो इसका असर भारत की पूर्वोत्तर सीमा की सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग पर पड़ सकता है।
हालांकि, साजीब वाजेद जॉय के आरोपों पर बांग्लादेश सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति को लेकर विभिन्न पक्षों के दावे और आरोप लगातार सामने आ रहे हैं, जिनका असर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर भी पड़ सकता है।





