नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पी. सुंदरराज को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) में इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) के पद पर नियुक्त किया है। नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में अपनी प्रभावी कार्यशैली और सफल अभियानों के लिए पहचान बनाने वाले सुंदरराज को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी ऐसे समय सौंपी गई है, जब देश आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी अभियानों को और मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
पी. सुंदरराज छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं और उन्होंने बस्तर क्षेत्र में लंबे समय तक सेवाएं दी हैं। उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ कई बड़े अभियान चलाए, जिससे प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई और नक्सली गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगाने में सफलता मिली।
बस्तर में तैनाती के दौरान सुंदरराज ने स्थानीय समुदाय और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया। यही वजह रही कि उन्हें नक्सल विरोधी रणनीति के प्रभावी अधिकारियों में गिना जाता है। उनके कार्यकाल में कई नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को भी गति मिली।
एनआईए देश की प्रमुख आतंकवाद-रोधी जांच एजेंसी है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों की जांच करती है। ऐसे में सुंदरराज की नियुक्ति को एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नक्सलवाद और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में उनका व्यापक अनुभव एनआईए के कार्यों को और मजबूती प्रदान करेगा।
गृह मंत्रालय के इस फैसले को सुंदरराज की सेवाओं और उपलब्धियों की मान्यता के रूप में भी देखा जा रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जमीनी स्तर पर काम करने का उनका अनुभव राष्ट्रीय स्तर की जांच और सुरक्षा रणनीति तैयार करने में उपयोगी साबित होगा।
पी. सुंदरराज की नियुक्ति से छत्तीसगढ़ पुलिस और विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र के सुरक्षा बलों में भी उत्साह का माहौल है। अधिकारियों का मानना है कि उनकी नई भूमिका देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।





