देहरादून। उत्तराखंड कर विभाग में कार्यरत 72 उपनल (UPNL) कर्मचारियों के मामले में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। कर्मचारियों के नियमितीकरण और सेवा संबंधी लाभों को लेकर चल रहे विवाद के बीच सरकार ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है।
मामला उपनल के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन से जुड़ा है। इससे पहले इस मामले में न्यायालयों में लंबे समय से सुनवाई चल रही है। उपनल कर्मचारियों का पक्ष है कि वे वर्षों से विभागों में सेवाएं दे रहे हैं और उन्हें स्थायी कर्मचारियों की तरह अधिकार मिलने चाहिए।
सरकार का तर्क है कि मामले के कानूनी और वित्तीय पहलुओं को देखते हुए आगे की कार्रवाई आवश्यक है। इसी क्रम में कर विभाग से जुड़े 72 कर्मचारियों के मामले को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी की जा रही है।
उपनल कर्मचारी संगठनों ने सरकार के इस कदम पर नाराजगी जताई है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें नियमितीकरण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों के हित में समाधान निकालने की मांग की है।
मामला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने के बाद कर्मचारियों की नजर आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है।





