वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर बड़ा झटका लगा है। वाशिंगटन डीसी में प्रस्तावित 250 फीट ऊंचे ‘ट्रायम्फल आर्क’ यानी विजय द्वार के निर्माण पर अमेरिकी संघीय अदालत ने अस्थायी रोक लगा दी है। जिला न्यायाधीश तान्या चुटकन ने शुक्रवार को 14 दिनों तक निर्माण से जुड़ी किसी भी गतिविधि पर रोक लगाने का आदेश दिया। यह फैसला परियोजना को नेशनल कैपिटल प्लानिंग कमीशन (NCPC) से अंतिम मंजूरी मिलने के कुछ ही समय बाद आया।
आठ के मुकाबले चार वोटों से मिली थी मंजूरी
दरअसल, गुरुवार को करीब नौ घंटे तक चली सुनवाई के बाद नेशनल कैपिटल प्लानिंग कमीशन ने 8-4 के बहुमत से ट्रंप की परियोजना को मंजूरी दी थी। इसके बाद सरकार निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी में थी। हालांकि, वाशिंगटन डीसी और वर्जीनिया प्रशासन के साथ वियतनाम युद्ध के पूर्व सैनिकों ने इस परियोजना को अदालत में चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इस निर्माण के लिए अमेरिकी कांग्रेस की आवश्यक मंजूरी नहीं ली गई है। साथ ही, परियोजना से आसपास के यातायात, पर्यावरण और ऐतिहासिक स्थलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
अर्लिंग्टन कब्रिस्तान के पास बनाया जाना है द्वार
ट्रंप की योजना के मुताबिक, यह विशाल विजय द्वार मेमोरियल सर्कल में बनाया जाना है। यह अर्लिंग्टन राष्ट्रीय कब्रिस्तान और लिंकन मेमोरियल के बीच स्थित क्षेत्र के पास होगा। इसकी कुल ऊंचाई 250 फीट यानी करीब 76 मीटर प्रस्तावित है।
विरोध करने वालों का तर्क है कि इस विशाल संरचना से लिंकन मेमोरियल और अर्लिंग्टन कब्रिस्तान के बीच का ऐतिहासिक दृश्य प्रभावित होगा। उनका कहना है कि यह स्थान देश के गृहयुद्ध के बाद राष्ट्रीय एकता का प्रतीक रहा है।
अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने पर बनाने की योजना
राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका की स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इस विजय द्वार के निर्माण का प्रस्ताव रखा था। हालांकि, इसकी अनुमानित लागत और वित्तपोषण को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। कुछ अनुमानों में इसकी लागत 10 करोड़ डॉलर तक बताई गई है।
अदालत के आदेश के बाद फिलहाल परियोजना का निर्माण कार्य 14 दिनों तक शुरू नहीं हो सकेगा। इस दौरान मामले में कानूनी सुनवाई आगे बढ़ेगी।




