नई दिल्ली। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अपने मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति के बाद दोबारा चेयरमैन पद के लिए नियुक्ति की पेशकश नहीं करने का फैसला किया है। उनका वर्तमान कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होना है। चंद्रशेखरन ने टाटा संस के बोर्ड से जल्द उत्तराधिकारी तय करने को कहा है, ताकि नेतृत्व परिवर्तन सुचारू रूप से हो सके।
चंद्रशेखरन ने अपने बयान में बताया कि टाटा संस के बोर्ड की 24 फरवरी 2026 को हुई बैठक में उनके कार्यकाल को पांच साल और बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था। टाटा ट्रस्ट्स के दो प्रमुख ट्रस्टों ने भी उनके कार्यकाल के विस्तार की सिफारिश की थी। हालांकि, बोर्ड में प्रस्ताव को सर्वसम्मति से समर्थन नहीं मिला और एक सदस्य के समर्थन नहीं करने के कारण फैसला टल गया।
इसके बाद करीब छह महीने तक इस मुद्दे पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा संस में कई महत्वपूर्ण रणनीतिक परियोजनाएं चल रही हैं और ऐसे में नेतृत्व को लेकर स्पष्टता जरूरी है। उन्होंने कर्मचारियों, निवेशकों, साझेदारों और अन्य हितधारकों के लिए भी नेतृत्व की स्थिति स्पष्ट होने की आवश्यकता बताई।
40 साल से टाटा समूह से जुड़े हैं चंद्रशेखरन
एन चंद्रशेखरन ने टाटा समूह में करीब 40 वर्ष पूरे किए हैं। उन्होंने 1987 में टाटा समूह की आईटी कंपनी टीसीएस से अपना करियर शुरू किया और 2009 में टीसीएस के सीईओ बने। वर्ष 2017 में उन्होंने टाटा संस के चेयरमैन का पद संभाला।
टाटा संस टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी है और टीसीएस, टाटा मोटर्स तथा एयर इंडिया समेत 30 से अधिक कंपनियों को नियंत्रित करती है। टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
चंद्रशेखरन ने अपने बयान में टाटा समूह का नेतृत्व करने को सम्मान और बड़ी जिम्मेदारी बताया तथा बोर्ड से उत्तराधिकारी की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का आग्रह किया।





