नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के तीसरे सप्ताह की कार्यवाही मंगलवार को हंगामेदार रहने के आसार हैं। विपक्ष ने दिल्ली में छात्र आंदोलन पर कथित पुलिस कार्रवाई, अयोध्या राम मंदिर चंदा मामले और अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। इसके चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में तीखी बहस और विरोध प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।
विपक्षी दलों का आरोप है कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिस पर सरकार को जवाब देना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसद संसद परिसर में भी विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं और गृह मंत्री से सदन में विस्तृत बयान की मांग कर रहे हैं।
इसके अलावा अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा विवाद को लेकर भी विपक्ष सरकार पर निशाना साध रहा है। विपक्ष का कहना है कि इस मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए, जबकि सत्तापक्ष इन आरोपों को राजनीतिक बताया है। इस मुद्दे पर भी संसद में जोरदार बहस होने की संभावना है।
सरकार की ओर से आज कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को आगे बढ़ाने की तैयारी है। हालांकि, विपक्ष के तेवरों को देखते हुए सदन की कार्यवाही बाधित होने की आशंका बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों से विभिन्न मुद्दों पर लगातार हो रहे विरोध के कारण संसद की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी थी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बनती, तो मानसून सत्र के आगामी दिनों में भी गतिरोध जारी रह सकता है। ऐसे में महत्वपूर्ण विधेयकों और अन्य सरकारी कार्यों पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है।





