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ऑरेंज अलर्ट ने दिखाया असर: नैनीताल में 119 मिमी मूसलाधार बारिश, उफान पर नाले; कुमाऊं में 54 सड़कों पर थमे पहिए

नैनीताल: उत्तराखंड में मौसम विभाग द्वारा जारी किया गया ‘ऑरेंज अलर्ट’ सरोवर नगरी नैनीताल और पूरे कुमाऊं मंडल पर आफत बनकर बरसा है। बीती रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश सुबह तक लगातार जारी रही, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, नैनीताल में रिकॉर्ड 119 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जिसके कारण प्रसिद्ध नैनी झील का जलस्तर बढ़कर 81.3 फीट तक पहुंच गया है। भारी बारिश और लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण कुमाऊं मंडल में एक राज्य मार्ग सहित 54 महत्वपूर्ण सड़कों पर वाहनों के पहिए पूरी तरह थम गए हैं, जिससे जगह-जगह यात्री और स्थानीय लोग फंस गए हैं।

मूसलाधार बारिश का असर और तबाही का विस्तृत विवरण:

  • नैनी झील का बढ़ा जलस्तर, नाले उफान पर: रातभर हुई भारी वर्षा के कारण नैनीताल के सभी सूखे पड़े नाले अचानक उफान पर आ गए और सड़कों पर पानी का तीव्र बहाव देखने को मिला। मूसलाधार बारिश से प्राकृतिक जलस्रोत पूरी तरह रिचार्ज हो गए हैं, जिससे नैनी झील का जलस्तर 81.3 फीट के चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है।
  • सुरक्षा दीवारें ढहीं, भूस्खलन का बढ़ा खतरा: शहर के तल्लीताल क्षेत्र के सात नंबर वार्ड और अपर माल रोड से ठीक ऊपर के संपर्क मार्गों की मुख्य सुरक्षा दीवारें भारी बारिश के दबाव को झेल नहीं पाईं और भूस्खलन की जद में आकर ताश के पत्तों की तरह धराशायी हो गईं। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी (एसडीएम) नवाजिश खलीक ने प्रशासनिक टीम के साथ प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया और खतरे वाले घरों के निवासियों से सुरक्षित स्थानों पर जाने व विशेष एहतियात बरतने की अपील की है।
  • अकेले नैनीताल जिले में 22 सड़कें बंद: कुमाऊं कमिश्नर कार्यालय से जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पूरे कुमाऊं मंडल की कुल 54 सड़कों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान नैनीताल जिले को हुआ है, जहां एक प्रमुख राज्य मार्ग (स्टेट हाईवे) समेत कुल 22 ग्रामीण और संपर्क मार्ग मलबे के कारण बंद हैं।
  • मुक्तेश्वर और मुनस्यारी का संपर्क टूटा: भारी भूस्खलन के चलते बेतालघाट-मुक्तेश्वर मार्ग, बेतालघाट-खैरना मार्ग, खुटानी-धानाचूली राज्य मार्ग और पिथौरागढ़ जिले का सुप्रसिद्ध थल-मुनस्यारी मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्रों में कई जगहों पर बिजली के पोल गिरने और पेयजल लाइनें टूटने से आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति पर भी बुरा असर पड़ा है।
  • कमिश्नर दीपक रावत ने दिए युद्ध स्तर पर कार्य के निर्देश: बंद सड़कों के कारण यात्रियों की परेशानी को देखते हुए कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने मंडल के सभी जिलाधिकारियों (DMs) और लोनिवि (PWD) के अभियंताओं को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। उन्होंने सभी अवरुद्ध मार्गों पर तुरंत अतिरिक्त जेसीबी मशीनें तैनात कर सड़कों को युद्ध स्तर पर खोलने और प्रभावित क्षेत्रों में बिजली-पानी की व्यवस्था जल्द से जल्द बहाल करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
  • पर्यटन और स्थानीय कारोबार मंदा: लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश और कड़ाके की ठंड (तापमान में भारी गिरावट) के कारण नैनीताल के बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। सैलानियों की आमद बेहद कम हो जाने से नौकायन (बोटिंग) ठप है और स्थानीय होटल व पर्यटन कारोबार पर इसका सीधा विपरीत असर पड़ा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मानसून की सक्रियता के कारण अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा।

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