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उत्तराखंड में आफत की बारिश: मौसम विभाग का भारी वर्षा का अलर्ट, उत्तरकाशी में पांच गांवों का संपर्क टूटा, प्रदेश में 70 से अधिक मार्ग बंद


देहरादून/उत्तरकाशी: उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता के साथ ही पहाड़ों पर आफत की बारिश का दौर शुरू हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। भूस्खलन और पहाड़ी से मलबा आने के कारण उत्तरकाशी जिले के पांच गांवों का मुख्य मार्गों से संपर्क पूरी तरह कट गया है, जबकि पूरे प्रदेश में चार राज्य मार्गों समेत 70 से अधिक महत्वपूर्ण सड़कें और संपर्क मार्ग बंद होने से हजारों यात्रियों और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

आपदा की स्थिति और बंद पड़े मार्गों का विस्तृत विवरण:

  • उत्तरकाशी के पांच गांवों में संपर्क का संकट: उत्तरकाशी जिले के ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं। जिले के पांच दूरस्थ गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग मलबे में तब्दील हो चुके हैं, जिससे इन गांवों का तहसील और जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। ग्रामीणों के सामने राशन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक वस्तुओं का संकट खड़ा होने की आशंका गहरा गई है।
  • चारधाम रूट पर गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे बाधित: भारी बारिश का सीधा असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ा है। उत्तरकाशी जिले में ही नालूपानी के पास भारी भूस्खलन होने से गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है, जबकि स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी बड़े-बड़े बोल्डर आने की वजह से ठप पड़ गया है। सड़कों के दोनों ओर तीर्थयात्रियों के वाहन फंसे हुए हैं।
  • प्रदेशभर में 70 से ज्यादा सड़कें बंद: राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में इस समय कुल 70 से अधिक सड़कें पूरी तरह अवरुद्ध हैं। इनमें दो स्टेट हाईवे, एक बीआरओ (Border Roads Organisation) की सड़क, 16 लोनिवि (PWD) की सड़कें और 52 से अधिक ग्रामीण व पीएमजीएसवाई (PMGSY) की सड़कें शामिल हैं। सड़कों को खोलने के लिए जिला प्रशासनों ने जेसीबी और पोकलैंड मशीनें तैनात की हैं, लेकिन लगातार गिरते मलबे के कारण काम में बाधा आ रही है।
  • चमोली और पिथौरागढ़ में सबसे ज्यादा असर: राज्य के चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में बारिश और भूस्खलन का सबसे व्यापक असर देखने को मिल रहा है। अकेले चमोली जिले में 19 से अधिक ग्रामीण सड़कें बंद हैं, जिससे वहां के दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है। पिथौरागढ़ के धारचूला और तवाघाट क्षेत्रों में भी मालपा और घटखोला के पास रास्ते बंद होने से चीन सीमा को जोड़ने वाले रणनीतिक मार्ग प्रभावित हुए हैं।
  • प्रशासन और एसडीआरएफ ने जारी की जनहित अपील: मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए राज्य प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है। उफनती नदियों और बरसाती नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें। पानी के तेज बहाव वाले रपटों और जलभराव वाले रास्तों को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं।

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