ऋषिकेश, 1 सितंबर। ऋषिकेश के एक होटल में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म की घटना के बाद लोगों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। गुस्साए लोगों ने घटना वाले होटल में तोड़फोड़ कर विरोध जताया। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ होटल मालिक और मैनेजर की भूमिका भी पुलिस के संदेह के घेरे में आ गई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि होटल में कथित तौर पर अतिरिक्त रकम लेकर अधूरे पहचान दस्तावेजों के आधार पर कमरे उपलब्ध कराए जाते थे। होटल की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। जांच में सीसीटीवी कैमरे बंद पाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कैमरे किन परिस्थितियों में बंद किए गए थे।
होटल प्रबंधन की भूमिका की जांच
पुराने रेलवे स्टेशन के पास चेला चेतराम मार्ग स्थित होटल में हुई घटना के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि होटल प्रबंधन को नाबालिग की उम्र और पहचान की जानकारी थी या नहीं और इसके बावजूद कमरा किस आधार पर उपलब्ध कराया गया। पुलिस के अनुसार होटल मालिक और मैनेजर की भूमिका संदिग्ध है और इसकी जांच जारी है।
महिला आयोग ने लिया संज्ञान
उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने एम्स पहुंचकर पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात की तथा उन्हें न्याय और सुरक्षा का भरोसा दिया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी लेकर फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज करने और कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
महिला आयोग ने प्रदेश के होटलों में कम से कम तीन माह का सीसीटीवी बैकअप अनिवार्य करने की जरूरत पर भी जोर दिया है। साथ ही वैध पहचान और आयु सत्यापन के बिना नाबालिगों को कमरा देने वाले होटलों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की बात कही गई है।
फरार आरोपी की तलाश तेज
पुलिस फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के यहां दबिश दे रही है। उसके संपर्क में रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है और आरोपी तथा उसके साथी के मोबाइल फोन को ट्रेस करने का प्रयास जारी है।





