अहमदाबाद। भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा से पहले गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सुरक्षा एवं प्रशासनिक तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर रथयात्रा मार्ग, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं का जायजा लिया तथा सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस वर्ष रथयात्रा की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यात्रा मार्ग पर ड्रोन, हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे और अन्य आधुनिक निगरानी उपकरण तैनात रहेंगे, जिनके माध्यम से पूरे मार्ग पर लगातार नजर रखी जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट मोड में रहेंगी।
उपमुख्यमंत्री ने जगन्नाथ मंदिर में आयोजित पारंपरिक नेत्रोत्सव में भी भाग लिया और यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा यात्रा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।
प्रशासन के अनुसार रथयात्रा के दौरान 30 हजार से अधिक पुलिसकर्मी, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, जबकि यातायात संचालन और भीड़ नियंत्रण के लिए भी विस्तृत योजना तैयार की गई है। अधिकारियों ने नागरिकों से प्रशासन द्वारा जारी यातायात और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।





