नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेन को मंजूरी दे दी है। यह ट्रेन हरियाणा के जिंद-सोनीपत रेलखंड पर चलाई जाएगी। रेलवे मंत्रालय की स्वीकृति के बाद भारत स्वच्छ और हरित रेल परिवहन की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है।
रेलवे बोर्ड ने 10 कोच वाली हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित डीईएमयू ट्रेन के संचालन की अनुमति दी है। यह ट्रेन अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। ट्रेन में डीजल या पारंपरिक बिजली की जगह हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) द्वारा तकनीकी परीक्षण और चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CCRS) की सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद संचालन को मंजूरी दी गई है। मार्च में ट्रेन का ऑसिलेशन ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया था।
इस परियोजना के तहत जिंद में विशेष हाइड्रोजन प्लांट भी स्थापित किया गया है, जहां से ट्रेन को ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा। रेलवे का दावा है कि यह ट्रेन ‘जीरो एमिशन’ तकनीक पर आधारित होगी और संचालन के दौरान केवल जलवाष्प उत्सर्जित करेगी।
रेल मंत्रालय का मानना है कि यह पहल भविष्य में डीजल ट्रेनों पर निर्भरता कम करने में मदद करेगी। भारत इस तकनीक को अपनाने वाले जर्मनी, जापान, चीन और स्वीडन जैसे देशों की सूची में शामिल हो जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, ट्रेन के औपचारिक उद्घाटन की तैयारी चल रही है और जल्द ही इसे यात्रियों के लिए शुरू किया जा सकता है।






