Top 5 This Week

Related Posts

हरिद्वार में खुला दुनिया का पहला आयुर्वेद गुरुकुल, अब संस्कृत विद्यार्थी भी बन सकेंगे BAMS डॉक्टर

हरिद्वार। विश्व आयुर्वेद दिवस के अवसर पर हरिद्वार में आयुर्वेद शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल की शुरुआत हुई। ग्राम औरंगाबाद में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व के प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का उद्घाटन किया। इस गुरुकुल की खासियत यह है कि संस्कृत पृष्ठभूमि के विद्यार्थी भी बीएएमएस की पढ़ाई कर आयुर्वेदाचार्य बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत यज्ञ, मंत्रोच्चार और धन्वंतरि वंदना के साथ हुई। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आयुर्वेद गुरुकुलम् भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि गुरुकुल केवल पुस्तकीय ज्ञान का केंद्र नहीं होता, बल्कि यहां अनुशासन, संस्कार, चरित्र निर्माण और जीवन जीने की कला पर भी जोर दिया जाता है।

गुरुकुल परंपरा के साथ चिकित्सा शिक्षा

आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय और भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (NCISM) के सहयोग से पारंपरिक गुरुकुल पद्धति पर आधारित बीएएमएस पाठ्यक्रम की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए सरकार की ओर से राजपत्रित आदेश भी जारी किया गया है।

भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष एनपी सिंह के अनुसार, गुरुकुल में 10वीं के बाद करीब साढ़े सात वर्ष के पाठ्यक्रम की परिकल्पना की गई है। इसमें विद्यार्थियों को गुरुकुल परंपरा के साथ चिकित्सा शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

आयुर्वेद को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने पर जोर

कार्यक्रम में स्वामी रामदेव ने आयुर्वेद की संभावनाओं पर बात रखी और कहा कि भारतीय चिकित्सा पद्धति को आधुनिक विज्ञान के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने पतंजलि की गतिविधियों और रोजगार सृजन का भी उल्लेख किया।

आयुष मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि इस स्वरूप के संस्थान की शुरुआत उत्तराखंड में होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। कार्यक्रम के दौरान पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् की वेबसाइट और पुस्तिका का भी लोकार्पण किया गया।

Popular Articles