नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने वन्यजीव संरक्षण और पुनर्वास केंद्र ‘वनतारा’ से जुड़े मामले में दायर एक याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि इस मामले की पहले ही विशेष जांच दल (SIT) द्वारा जांच की जा चुकी है और रिपोर्ट में किसी प्रकार के कानूनी उल्लंघन का प्रमाण नहीं मिला था।
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि जिन आरोपों को लेकर नई जांच की मांग की गई है, वे पहले से जांच के दायरे में आ चुके हैं। ऐसे में मामले को दोबारा खोलने का कोई आधार नहीं बनता।
याचिका में वनतारा से जुड़े पशु आयात और स्थानांतरण प्रक्रियाओं की दोबारा जांच कराने की मांग की गई थी। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि पूर्व में गठित एसआईटी ने सभी संबंधित दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट सौंपी थी, जिसे न्यायालय स्वीकार कर चुका है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी माना कि जांच में जिन मामलों की समीक्षा हो चुकी है, उन्हें लेकर नए सिरे से कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने कहा कि संबंधित पक्षों के खिलाफ पहले जांच किए गए मामलों में आगे कोई कानूनी कार्रवाई का आधार नहीं बनता।
गौरतलब है कि वनतारा गुजरात के जामनगर में स्थित एक वन्यजीव बचाव, पुनर्वास और संरक्षण केंद्र है, जो विभिन्न देशों से लाए गए पशुओं की देखभाल और संरक्षण के लिए जाना जाता है।
अदालत के इस फैसले के बाद मामले में दोबारा जांच की मांग को बड़ा झटका माना जा रहा है।





