श्रीनगर (गढ़वाल): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को श्रीनगर स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के चौरास परिसर पहुँचे। अवसर था भारतीय सेना और विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0’ प्रतियोगिता के समापन समारोह का। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर पहुँचते ही सेना के जांबाज जवानों और विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
शौर्य और युवा शक्ति का संगम
‘सूर्य देवभूमि चैलेंज’ प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करना और उन्हें सेना की कार्यप्रणाली से परिचित कराना है।
- भव्य अगवानी: समारोह के दौरान सेना के बैंड की धुनों और एनसीसी कैडेट्स के गार्ड ऑफ ऑनर के बीच मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया गया।
- युवाओं में जोश: चौरास परिसर में मौजूद हजारों छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से देवभूमि के युवाओं को अपनी शारीरिक और मानसिक क्षमताओं को परखने का सुनहरा अवसर मिलता है।
सेना और शिक्षा जगत के बीच बढ़ता समन्वय
मुख्यमंत्री ने भारतीय सेना की सूर्य कमान (Surya Command) के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सेना न केवल सीमाओं की रक्षा कर रही है, बल्कि युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें अनुशासित बनाने में भी अहम भूमिका निभा रही है।
- प्रतियोगिता का महत्व: सूर्य देवभूमि चैलेंज के दूसरे संस्करण (2.0) में विभिन्न शारीरिक और बौद्धिक स्पर्धाएं आयोजित की गई थीं, जिनमें गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
- विजेताओं का सम्मान: समापन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
‘अग्निपथ’ और सैन्य धाम पर संबोधन
अपने संबोधन में सीएम धामी ने उत्तराखंड को ‘सैन्य धाम’ बताते हुए कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए युवाओं को सेना में भर्ती होकर देश सेवा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गढ़वाल विश्वविद्यालय जैसे संस्थान और भारतीय सेना मिलकर राज्य के भविष्य को संवारने का कार्य कर रहे हैं।
सुरक्षा और प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था
मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए श्रीनगर और चौरास परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। विश्वविद्यालय की कुलपति और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। समापन समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के कुछ प्रमुख शोध कार्यों और उपलब्धियों के बारे में भी जानकारी ली।





