देहरादून। उत्तराखंड से राज्यसभा की एक सीट के लिए भाजपा प्रत्याशी दिनेश आर्य ने मंगलवार को विधानसभा परिसर में नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके नामांकन के दौरान भाजपा के सांसद और विधायक भी विधानसभा पहुंचे। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने आर्य के निर्विरोध निर्वाचित होने की उम्मीद जताई है।
राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। इसी कारण उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट पर द्विवार्षिक चुनाव कराया जा रहा है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 16 अक्टूबर को मतदान होगा और उसी दिन मतगणना भी की जाएगी।
लंबे संगठनात्मक अनुभव पर जताया भरोसा
भाजपा ने दिनेश आर्य को पार्टी के लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में राज्यसभा का टिकट दिया है। वह नैनीताल जिला भाजपा अध्यक्ष रह चुके हैं और भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चे में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जनसंपर्क अधिकारी के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वह राज्यस्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष हैं और उन्हें राज्यमंत्री स्तर का दर्जा प्राप्त है।
कुमाऊं को प्रतिनिधित्व का संदेश
दिनेश आर्य की उम्मीदवारी को क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तराखंड से राज्यसभा के मौजूदा तीनों सदस्यों की राजनीतिक पृष्ठभूमि गढ़वाल क्षेत्र से जुड़ी है। ऐसे में कुमाऊं क्षेत्र से आने वाले आर्य को उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का संतुलन साधने का संदेश दिया है।
भाजपा के पास विधानसभा में 47 विधायक हैं, जो एक राज्यसभा सीट पर उसके उम्मीदवार के निर्वाचन के लिए पर्याप्त संख्या है। ऐसे में आर्य का निर्वाचन आसान माना जा रहा है। हालांकि नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही चुनाव की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी।
नामांकन के साथ ही उत्तराखंड में राज्यसभा चुनाव की राजनीतिक प्रक्रिया तेज हो गई है। अब सभी की नजर विपक्ष के रुख और नामांकन प्रक्रिया के अगले चरण पर है।





