Top 5 This Week

Related Posts

बच्चों के ऑनलाइन शोषण पर Meta की सख्ती, Facebook-Instagram पर नए AI टूल

नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए मेटा ने अपने सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया है। कंपनी ने नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल और एड रिव्यू सिस्टम लागू किए हैं, जिनका उद्देश्य संदिग्ध विज्ञापनों, अकाउंट्स और ऑनलाइन नेटवर्क की पहचान कर उन पर कार्रवाई करना है।

मेटा के अनुसार, कुछ लोग ऐसे विज्ञापनों का इस्तेमाल कर रहे हैं जो देखने में सामान्य या हानिरहित दिखाई देते हैं, लेकिन यूजर्स को प्लेटफॉर्म के बाहर मौजूद अवैध सामग्री तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों की पहचान के लिए कंपनी ने बड़े भाषा मॉडल (LLM) आधारित सिस्टम तैयार किया है। यह सिस्टम विज्ञापनों में छिपे संकेतों को पहचानने की कोशिश करेगा।

कंपनी ने विज्ञापन की सामग्री के साथ-साथ यह भी जांचने की व्यवस्था मजबूत की है कि विज्ञापन यूजर को किस वेबसाइट या ऑनलाइन स्थान पर ले जा रहा है। संदिग्ध लिंक मिलने पर उसे ब्लॉक करने और उससे जुड़े अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रावधान किया गया है।

मेटा ने अपने सुरक्षा सिस्टम की कमियों को पहचानने के लिए एक AI आधारित ‘रेड-टीमिंग एजेंट’ भी तैनात किया है। यह सिस्टम सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देकर यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि गलत गतिविधियों को अंजाम देने वाले लोग किन तरीकों से सुरक्षा उपायों को चकमा दे सकते हैं।

भारत में 53 लाख से अधिक कंटेंट पर कार्रवाई

मेटा ने बताया कि जनवरी से जून 2026 के बीच भारत में फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े 53 लाख कंटेंट पर कार्रवाई की गई। इनमें 98 प्रतिशत से अधिक सामग्री की पहचान यूजर्स की शिकायत आने से पहले ही मेटा के सिस्टम ने कर ली थी।

इसी अवधि में दुनियाभर में ऐसे 3.32 करोड़ कंटेंट पर कार्रवाई की गई। इनमें 97 प्रतिशत से अधिक मामलों की पहचान भी पहले ही कर ली गई थी।

कंपनी ने कहा कि वह संदिग्ध अकाउंट्स को हटाने, बाहरी वेबसाइटों के लिंक को ब्लॉक करने और दोबारा नए अकाउंट बनाकर लौटने वाले लोगों की पहचान करने के लिए AI और अन्य तकनीकों का लगातार इस्तेमाल कर रही है।

Popular Articles