नैनीताल। पर्यटन नगरी नैनीताल में यातायात व्यवस्था को सुगम और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए प्रशासन ने मॉल रोड पर वाहनों के हॉर्न बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय शहर की बढ़ती भीड़, पर्यटकों की आवाजाही और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, कुमाऊं कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में यातायात व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मॉल रोड जैसे संवेदनशील और प्रमुख पर्यटन क्षेत्र में अनावश्यक शोर-शराबा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने बताया कि नए नियमों के तहत मॉल रोड पर वाहन चालक हॉर्न का उपयोग नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा, कई हिस्सों को नो-पार्किंग जोन घोषित किया गया है ताकि यातायात बाधित न हो और पर्यटकों को पैदल चलने में सुविधा मिल सके। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि नैनीताल की भौगोलिक स्थिति और संकरी सड़कों के कारण यातायात प्रबंधन पहले से ही चुनौतीपूर्ण रहता है। ऐसे में मॉल रोड पर बढ़ता ट्रैफिक दबाव और वाहनों की अनियमित पार्किंग स्थिति को और जटिल बना देती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय न केवल यातायात सुधार के लिए है, बल्कि नैनीताल की प्राकृतिक शांति और पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। पर्यटकों से अपील की गई है कि वे नए नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें।
स्थानीय लोगों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि मॉल रोड पर शांति बनाए रखने से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और शहर की सुंदरता भी बनी रहेगी। वहीं, कुछ व्यापारियों का मानना है कि नियमों का संतुलित क्रियान्वयन जरूरी है ताकि कारोबार पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में ट्रैफिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं, जिसमें पार्किंग व्यवस्था और वाहनों के प्रवेश समय को और सख्ती से नियंत्रित करना शामिल है।





