नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पुरुष अधिकार कार्यकर्ता बरखा त्रेहन ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके पर नीली स्याही फेंक दी। इस घटना के बाद मौके पर हंगामा मच गया और पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए बरखा त्रेहन को हिरासत में ले लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बरखा त्रेहन देश में पुरुष अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाने वाली प्रमुख कार्यकर्ताओं में मानी जाती हैं। वह ‘पुरुष आयोग’ नामक संगठन की संस्थापक और अध्यक्ष हैं। उनका संगठन पुरुषों के खिलाफ कथित झूठे मामलों, वैवाहिक विवादों और लैंगिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाता रहा है। विभिन्न सामाजिक और कानूनी अभियानों के कारण वह पहले भी चर्चा में रह चुकी हैं।
बताया जा रहा है कि जंतर-मंतर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान बरखा त्रेहन मंच के पास पहुंचीं और अचानक अभिजीत दीपके पर नीली स्याही फेंक दी। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की जिम्मेदारी भी स्वीकार की। वहीं, अभिजीत दीपके ने घटना के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “नीला मेरा रंग, जय भीम”, और इसे अपने सामाजिक-राजनीतिक विचारों से जोड़कर देखा।
घटना के बाद बरखा त्रेहन ने आरोप लगाया कि स्याही फेंकने के बाद दीपके के समर्थकों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। दूसरी ओर, पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के आरोपों की पड़ताल की जा रही है।
बरखा त्रेहन इससे पहले भी कई विवादों का हिस्सा रह चुकी हैं। अतीत में बलात्कार के आरोपी रहे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थन को लेकर उनकी काफी आलोचना हुई थी। इस वजह से वह समय-समय पर सार्वजनिक और राजनीतिक बहस का केंद्र रही हैं।
स्याही फेंकने की इस घटना ने सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।





