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एमबीपीजी छात्रसंघ चुनाव में 15 करोड़ रुपये खर्च होने की चर्चा, एक वोट की कीमत 3700 रुपये तक पहुंची

हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में इस बार प्रचार और चुनावी खर्च को लेकर चर्चाएं तेज हैं। करीब 12,800 छात्र-छात्राओं वाले कॉलेज में अध्यक्ष पद समेत विभिन्न पदों के प्रत्याशियों के चुनावी खर्च को लेकर कई तरह के आंकड़े सामने आए हैं। हालांकि, खर्च से जुड़े इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

चुनाव के दौरान प्रचार में बड़े स्तर पर पोस्टर, फ्लेक्स, वाहन, भोजन, ढोल-डीजे और सोशल मीडिया प्रचार का इस्तेमाल किया गया। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के खर्च को लेकर 25 से 30 लाख रुपये तक के अनुमान लगाए गए थे। लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार प्रत्याशी के चुनावी खर्च की सीमा 50 हजार रुपये बताई गई है।

जागरण की रिपोर्ट में चुनावी खर्च को लेकर इससे कहीं बड़ा आंकड़ा सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कॉलेज चुनाव में कुल करीब 15 करोड़ रुपये खर्च होने की चर्चा है और एक वोट की कीमत लगभग 3,700 रुपये तक आंकी गई है। हालांकि, यह आंकड़ा चर्चाओं और अनुमान पर आधारित है, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

4063 विद्यार्थियों ने किया मतदान

एमबीपीजी कॉलेज में इस बार कुल 12,800 विद्यार्थी मतदान के लिए पात्र थे, लेकिन 29 सितंबर को हुए चुनाव में केवल 4,063 विद्यार्थियों ने मतदान किया। मतदान प्रतिशत 31.74 रहा।

अध्यक्ष पद पर निर्दलीय आर्यन बेलवाल ने 1,723 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। एनएसयूआई के मेहुल साह को 1,257 और एबीवीपी के धीरज बिष्ट को 988 वोट मिले। आर्यन ने मेहुल साह को 466 मतों से हराया।

चुनाव के दौरान कई बार विवाद और हंगामे की स्थिति भी बनी। मतदान के समय प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच झड़प की घटनाएं सामने आईं, जबकि मतगणना के दौरान भी विवाद हुआ।

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