नैनीताल: उत्तराखंड हाई कोर्ट ने ऊधमसिंह नगर जिले की किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव की मतगणना को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार को दोनों नगर पालिकाओं में हुए चुनाव की मतगणना तीन सप्ताह के भीतर कराने को कहा है।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने बुधवार को राज्य सरकार के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मतदान के दौरान कुछ मतदान केंद्रों पर हंगामा हुआ था, जिसके चलते कानून-व्यवस्था को लेकर स्थिति तनावपूर्ण रही। सरकार ने मतगणना और परिणाम घोषित करने के लिए समय मांगा था।
सरकार ने अदालत से दो सप्ताह का समय देने का अनुरोध किया था। हालांकि, खंडपीठ ने तीन सप्ताह का समय देते हुए इस अवधि के भीतर मतगणना कराने का निर्देश दिया।
22 सितंबर को हुआ था मतदान
किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका के लिए 22 सितंबर को मतदान कराया गया था। मतदान के बाद मतपत्रों को सुरक्षित स्ट्रांग रूम में रखा गया है। पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने मतगणना को अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया था।
इस फैसले को किच्छा निवासी अलीना मलिक ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में चुनाव संपन्न होने के बाद मतगणना पर रोक लगाए जाने का विरोध किया गया था।
इससे पहले हाई कोर्ट की एकलपीठ ने भी मतगणना स्थगित करने संबंधी आदेश पर सवाल उठाते हुए मामले की सुनवाई की थी। बाद में मामला खंडपीठ के समक्ष पहुंचा।
कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार ने मांगा समय
सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि मतदान के दौरान हुई घटनाओं को देखते हुए मतगणना के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है। इसी आधार पर सरकार ने मतगणना के लिए अतिरिक्त समय मांगा।
अब हाई कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग को निर्धारित अवधि के भीतर मतगणना की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। मतगणना के बाद ही किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव के परिणाम औपचारिक रूप से सामने आएंगे।





