Top 5 This Week

Related Posts

उत्तराखंड में 114 आरोग्य मंदिर फिर खुलेंगे, नगर निकाय संभालेंगे संचालन

देहरादून। उत्तराखंड में कई महीनों से बंद पड़े 114 अर्बन आरोग्य मंदिरों को अब नए सिरे से खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। इन स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन की जिम्मेदारी अब नगर निकायों को दी जाएगी। इसके लिए जल्द ही नई गाइडलाइन और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की जाएगी।

अब तक इन आरोग्य मंदिरों का संचालन एक कंपनी के माध्यम से किया जा रहा था, लेकिन व्यवस्था बंद होने के बाद कई केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई थीं। बाद में ब्रिडकुल के माध्यम से संचालन का प्रस्ताव तैयार किया गया था और इसके लिए एमओयू की प्रक्रिया भी शुरू हुई थी। अब इस प्रस्ताव को रद्द कर दिया गया है। इसके स्थान पर नगर निकायों के स्तर से ही आरोग्य मंदिरों का संचालन करने का निर्णय लिया गया है।

दुर्गम क्षेत्रों में भी खुलेंगे केंद्र

नई व्यवस्था में उन क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की तैयारी है, जहां स्वास्थ्य सुविधाएं अपेक्षाकृत कम उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य विभाग और शहरी विकास विभाग मिलकर आरोग्य मंदिरों के संचालन का पूरा खाका तैयार करेंगे।

देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल जिलों में एनएचएम की ओर से 40 केंद्र संचालित किए जाने की योजना है। इन जिलों के शहरी क्षेत्रों में पहले बड़ी संख्या में आरोग्य मंदिर संचालित थे। अब केंद्रों की संख्या और स्थानों में बदलाव करते हुए पहाड़ी और दुर्गम नगर निकायों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने पर भी जोर दिया जाएगा।

निकायों को मिलेगा बजट खर्च का अधिकार

शहरी विकास विभाग के सचिव नितेश झा के अनुसार, आरोग्य मंदिरों की संचालन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है और जल्द ही नई SOP जारी की जाएगी। नगर निकायों को संचालन की जिम्मेदारी मिलने के साथ उनके स्तर से ही आरोग्य मंदिरों का बजट खर्च किया जाएगा।

नई व्यवस्था का उद्देश्य बंद पड़ी शहरी स्वास्थ्य सेवाओं को दोबारा शुरू करना और जरूरत वाले क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाना है।

Popular Articles