देहरादून। उत्तराखंड में नया बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने नए कनेक्शनों की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए शुल्क पहले से निर्धारित कर दिए हैं। नई व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से पूरे प्रदेश में लागू होगी।
नई व्यवस्था के तहत 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन के लिए साइट निरीक्षण और अलग से एस्टीमेट तैयार करने की प्रक्रिया समाप्त कर दी गई है। उपभोक्ता को आवेदन के समय निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। इससे कनेक्शन लेने में लगने वाला समय कम होने और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
300 मीटर तक की दूरी के लिए शुल्क तय
नियमों में बिजली के खंभे से परिसर तक की दूरी को लेकर भी बदलाव किया गया है। अब 40 मीटर की पुरानी सीमा के बजाय 300 मीटर तक के कनेक्शन के लिए शुल्क पहले से निर्धारित रहेगा।
यदि परिसर बिजली लाइन से 300 मीटर से अधिक दूरी पर है, तो उपभोक्ता को आवेदन के समय 300 मीटर तक का निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। इसके आगे की दूरी के लिए बिजली विभाग के अधिकारी को तय स्लैब के अनुसार अतिरिक्त राशि की जानकारी 15 दिन के भीतर देनी होगी।
150 किलोवाट तक बढ़ी एलटी मीटरिंग सीमा
आयोग ने एलटी साइड पर मीटरिंग की अधिकतम सीमा भी 75 किलोवाट से बढ़ाकर 150 किलोवाट कर दी है। इससे 150 किलोवाट तक के नए कनेक्शनों की प्रक्रिया और सरल होगी।
नई व्यवस्था में उपभोक्ताओं को कनेक्शन की अनुमानित लागत पहले से पता चल सकेगी। इससे बार-बार कार्यालय जाने और साइट निरीक्षण के कारण होने वाली देरी कम होने की संभावना है।
आयोग के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित बनाना है। नए नियम 1 नवंबर से लागू होने के बाद प्रदेशभर के घरेलू, व्यावसायिक और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।





