तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका के साथ जारी संघर्ष को खत्म करने का फैसला ईरान अपनी स्थिति मजबूत होने के बाद ही करेगा। उन्होंने कहा कि युद्ध विराम या बातचीत का समय तय करना एक रणनीतिक फैसला होगा और यह तभी संभव होगा जब ईरान को “मैदान में बढ़त” हासिल होगी।
ईरानी सरकारी मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में अराघची ने कहा कि किसी भी संघर्ष को समाप्त करने के लिए सही समय की पहचान बेहद महत्वपूर्ण होती है। उनके अनुसार, ईरान अपनी सैन्य और कूटनीतिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति तय करेगा।
जॉर्डन और क्षेत्रीय ठिकानों पर हमलों से बढ़ा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से जुड़े हमलों ने क्षेत्रीय हालात को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान की ओर से अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सहयोगी देशों में मौजूद ठिकानों को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है।
जॉर्डन में हुए हमलों के बाद अमेरिका और उसके सहयोगियों ने ईरान पर दबाव बढ़ाया है, जबकि तेहरान ने अपनी सैन्य कार्रवाई को जवाबी कदम बताया है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, जिससे मध्य-पूर्व में तनाव और गहरा गया है।
बातचीत के संकेत भी बरकरार
हालांकि अराघची के बयान में सख्त रुख दिखाई दिया, लेकिन उन्होंने बातचीत की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया है। ईरान पहले भी कह चुका है कि कूटनीतिक रास्ता तभी आगे बढ़ सकता है जब अमेरिका अपनी नीतियों और रुख में बदलाव करे।
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान का यह बयान सैन्य दबाव और कूटनीतिक सौदेबाजी दोनों को ध्यान में रखकर दिया गया है। फिलहाल दोनों देशों के बीच संघर्ष खत्म होने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसका असर बना हुआ है।





