चमोली। सिखों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के कपाट शुक्रवार को विधि–विधान और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के अवसर पर बड़ी संख्या में देश–विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं ने माथा टेका और सुख–समृद्धि की अरदास की। पूरे क्षेत्र में “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
हेमकुंड साहिब यात्रा के पहले जत्थे ने गुरुवार को गोविंदघाट से रवाना होकर शुक्रवार सुबह पवित्र धाम पहुंचकर दर्शनों का लाभ लिया। यात्रा की अगुवाई परंपरागत रूप से पंज प्यारों ने की। गुरुद्वारा प्रबंधन ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं के स्वागत और यात्रा प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
कपाट खुलने के अवसर पर गुरुद्वारे में विशेष अरदास आयोजित की गई। सेना, प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने संयुक्त रूप से यात्रा मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए व्यवस्थाएं की हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और स्वास्थ्य संबंधी दिशा–निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
इस वर्ष यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। गोविंदघाट, घांघरिया और हेमकुंड साहिब मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। स्थानीय व्यापारियों और होटल व्यवसायियों को भी यात्रा सीजन से अच्छे कारोबार की उम्मीद है।
गौरतलब है कि समुद्र तल से करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब सिख धर्म का प्रमुख तीर्थस्थल है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।





