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स्पेसएक्स और ओपनएआई के संभावित आईपीओ पर भारतीय निवेशकों की नजर, बन सकते हैं खरबों डॉलर के लाभार्थी

नई दिल्ली। वैश्विक तकनीकी बाजार में एक बड़ी हलचल के बीच भारतीय मूल के निवेशक स्पेसएक्स और ओपनएआई जैसे दिग्गजों के संभावित आईपीओ से भारी कमाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इन कंपनियों के आगामी सार्वजनिक निर्गमन (IPO) से कुछ शुरुआती निवेशकों की संपत्ति में खरबों डॉलर तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

स्पेसएक्स, जो एलन मस्क के नेतृत्व में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में काम कर रही है, अपने संभावित आईपीओ के लिए लगभग 1.5 से 2 ट्रिलियन डॉलर के मूल्यांकन की ओर बढ़ रही है। वहीं ओपनएआई भी 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक के मूल्यांकन पर शेयर बाजार में उतरने की तैयारी में है। ये दोनों आईपीओ वैश्विक पूंजी बाजार के इतिहास में सबसे बड़े इवेंट्स में से एक माने जा रहे हैं।

इन कंपनियों की इस ऐतिहासिक छलांग के बीच भारतीय मूल के निवेशकों की भूमिका भी चर्चा में है। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ शुरुआती और जोखिम लेने वाले निवेशकों ने इन कंपनियों में उस समय निवेश किया था जब इनकी वैल्यू बेहद कम थी। अब आईपीओ के बाद उनकी हिस्सेदारी का मूल्य कई गुना बढ़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति वैश्विक “प्राइवेट मार्केट बूम” को दर्शाती है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरिक्ष तकनीक से जुड़ी कंपनियां बिना लाभ के भी अरबों-खरबों डॉलर के मूल्यांकन तक पहुंच रही हैं। हालांकि, साथ ही यह भी चेतावनी दी जा रही है कि इतने ऊंचे मूल्यांकन भविष्य में जोखिम भी पैदा कर सकते हैं।

स्पेसएक्स की फाइलिंग में यह भी सामने आया है कि कंपनी भारी निवेश और घाटे के बावजूद दीर्घकालिक योजनाओं पर काम कर रही है, जिनमें मंगल ग्रह पर मानव बस्ती बसाने जैसे महत्वाकांक्षी लक्ष्य शामिल हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, यदि ये आईपीओ सफल होते हैं, तो यह न केवल वैश्विक निवेश बाजार का स्वरूप बदल सकते हैं, बल्कि भारतीय मूल के निवेशकों के लिए भी इतिहास रचने वाला अवसर साबित हो सकते हैं।

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