देहरादून: उत्तराखंड में गर्मी के मौसम के चलते बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और यह तीन साल पुराने रिकॉर्ड को पार करने की कगार पर पहुंच गई है। बिजली विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में बिजली की खपत में तेज वृद्धि दर्ज की जा रही है, विशेषकर शहरी इलाकों और औद्योगिक केंद्रों में।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेज गर्मी के कारण एसी, कूलर और पंखों का इस्तेमाल बढ़ गया है, जिससे पावर डिमांड उच्च स्तर पर पहुंच गई है। यदि मांग इसी तरह बढ़ती रही, तो विभाग को अतिरिक्त उत्पादन और ग्रिड नियंत्रण के लिए अतिरिक्त तैयारी करनी पड़ सकती है।
बिजली विभाग ने जनता से अपील की है कि बिजली की बचत करें और गैर-जरूरी उपकरणों का उपयोग कम करें। साथ ही, घरों और कार्यालयों में ऊर्जा बचत उपकरणों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार गर्मी सामान्य से ज्यादा तीव्र है, जिससे पीक लोड प्रबंधन के लिए विशेष रणनीति अपनाई जा रही है। राज्य सरकार और बिजली विभाग ने मिलकर सुनिश्चित किया है कि किसी भी क्षेत्र में बिजली कटौती न हो और आपूर्ति स्थिर बनी रहे।
पिछले रिकॉर्ड के मुकाबले इस बार खपत में तेजी से वृद्धि देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि मौसम स्थिर रहता है और उच्च तापमान बना रहता है, तो नया रिकॉर्ड जल्द ही बन सकता है।
उत्तराखंड में बिजली की बढ़ती मांग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ऊर्जा संरक्षण और वैकल्पिक स्रोतों का इस्तेमाल अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है। विभाग का कहना है कि राज्य में ऊर्जा उत्पादन और वितरण को मजबूत करने के लिए कई नई परियोजनाओं पर काम चल रहा है।





