हरिद्वार। निर्जला एकादशी स्नान पर्व के अवसर पर हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था लागू की है। इसके तहत 25 जून से 28 जून तक शहर के कई प्रमुख मार्गों पर नो-एंट्री, डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था प्रभावी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और शहर में सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखना है।
पुलिस प्रशासन द्वारा जारी योजना के अनुसार स्नान पर्व के दौरान हरकी पैड़ी, आसपास के घाटों और मुख्य बाजार क्षेत्रों में भीड़ का अत्यधिक दबाव रहने की संभावना है। ऐसे में भारी वाहनों का प्रवेश शहर के अंदर प्रतिबंधित रहेगा। बाहरी वाहनों को शहर में प्रवेश से पहले ही निर्धारित रूटों की ओर मोड़ा जाएगा।
यातायात पुलिस ने बताया कि दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, ऋषिकेश और अन्य प्रमुख मार्गों से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग डायवर्जन रूट निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर के बाहरी हिस्सों में अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जहां से शटल सेवा के माध्यम से लोगों को घाटों तक पहुंचाया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्व के दौरान भीड़ नियंत्रण के लिए संवेदनशील क्षेत्रों को जीरो जोन घोषित किया जा सकता है, जहां केवल आवश्यक और आपातकालीन वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी। पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती के साथ-साथ यातायात नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रहेगा।
अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें, अफवाहों से बचें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। साथ ही भीड़भाड़ से बचने के लिए निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
गौरतलब है कि निर्जला एकादशी स्नान पर्व पर हर वर्ष हरिद्वार में लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं, जिससे शहर में यातायात दबाव अत्यधिक बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह विशेष व्यवस्था लागू की गई है।





