हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंच गई है। सावन के अंतिम चरण में शिवभक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 2.6 करोड़ से अधिक श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचकर गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हो चुके हैं। बड़ी संख्या में कांवड़ियों की आमद को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और मजबूत किया है।
हरकी पैड़ी समेत शहर के प्रमुख घाटों, कांवड़ पटरी और अन्य मार्गों पर दिन-रात शिवभक्तों की आवाजाही बनी हुई है। प्रशासन की ओर से भीड़ प्रबंधन के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। पुलिस और अन्य सुरक्षा बल संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं।
डाक कांवड़ ने बढ़ाई रफ्तार
कांवड़ यात्रा के अंतिम दौर में डाक कांवड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु वाहनों के जरिए हरिद्वार पहुंच रहे हैं और गंगाजल लेकर वापस लौट रहे हैं। कनखल स्थित बैरागी कैंप में भी डाक कांवड़ यात्रियों की बढ़ती आमद को देखते हुए पार्किंग और निकासी मार्गों की व्यवस्थाएं की गई हैं।
सुरक्षा और यातायात पर विशेष नजर
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मेला क्षेत्र और कांवड़ मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ यातायात की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों और स्नान स्थलों का इस्तेमाल करने तथा सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
इस वर्ष कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चल रही है। यात्रा के अंतिम दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन के सामने भीड़ को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षित और सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने की बड़ी चुनौती है।





