नई दिल्ली। भारतीय सेना प्रमुख ने देश की पूर्वी सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था और परिचालन तैयारियों की व्यापक समीक्षा करते हुए पूर्वी कमान के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, परिचालन चुनौतियों, खुफिया समन्वय और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
सेना प्रमुख ने अधिकारियों को सीमाओं पर सतर्कता बनाए रखने, आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग तथा किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए उच्च स्तर की युद्धक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बदलते सुरक्षा परिदृश्य के अनुरूप सेना को हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा।
बैठक में सीमा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने, निगरानी तंत्र को मजबूत करने तथा विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया। सेना प्रमुख ने सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात जवानों की परिचालन क्षमता, संसाधनों की उपलब्धता और बुनियादी सुविधाओं की भी समीक्षा की।
उन्होंने सीमाओं पर तैनात सैनिकों के मनोबल की सराहना करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भारतीय सेना किसी भी चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना करने में सक्षम है। सेना प्रमुख ने अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा बदलती परिस्थितियों के अनुरूप रणनीतियों को लगातार अद्यतन रखने का आह्वान किया।
बैठक को पूर्वी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें परिचालन तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की सुरक्षा रणनीति पर भी व्यापक विचार-विमर्श किया गया।





